द फास्ट एंड द फ्युरिअस – एक फिल्म और उसकी दीवानगी

पिछले पोस्ट में मैंने तीन कार-थीम फिल्मों का जिक्र किया था और कहा था की अगले पोस्ट में और भी अपने पसंदीदा फिल्मों का जिक्र करूँगा, लेकिन कुछ कारणवश इस पोस्ट को पब्लिश करने में काफी देरी हो गयी.
(ये पोस्ट पूरी तरह कार-थीम फिल्मों के ऊपर ही है, आपको यदि इस विषय में दिलचस्पी नहीं है वो इस पोस्ट को स्किप कर सकते हैं) 

गॉन इन सिक्सटी सेकण्ड और वैनिशिंग पॉइंट के अलावा मेरी तीसरी पसंदीदा फिल्म है ‘टू लेन बैकटॉप’.ये फिल्म भी ‘वैनिशिंग पॉइंट’ की तरह ही एक रोड मूवी है और उसी तरह एक मैच्युर मेसेज भी देने की कोशिश करती है.फिल्म में काफी कम संवाद है और इसका ट्रीटमेंट कुछ तरह से है जो इसे एक पोएटिक फिल्म की टच भी देती है.फिल्म के कुछ दृश्य सच में शानदार बने हैं.फिल्म की कहानी बहुत ही सीधी सी है.दो स्ट्रीट रेसर(ड्राईवर और मेकैनिक) अपने मोडिफाईड 1955 शेवेरलेट 150 में घूमते हैं और जगह जगह के लोगों को ड्रैग रेस के लिए चैलेन्ज करते हैं.इसी दौरान वो एक हिच्हाइक लड़की और एक दूसरे स्ट्रीट रेसर से मिलते हैं जिसके पास एक 1970 पॉन्टिएक जी.टी.ओ है.इस स्ट्रीट रेसर को कारों की बहुत ही सिमित जानकारी है लेकिन वो अपनी झूठी कहानियां सुनाते रहता है.तीनों वाशिंगटन तक ड्रैग रेस की चैलेन्ज स्वीकार करते हैं और रेस में जो जीतेगा उसे हारने वाले की कार सौंपी जायेगी.फिल्म की शुरुआत एक ड्रैग रेस से होती है और खत्म भी ड्रैग रेस पे ही होती है.इस फिल्म में किरदार के नाम नहीं हैं बल्कि चार मुख्य किरदार फिल्म में ‘द ड्राइवर’,’द मैकेनिक’,’जी.टी.ओ’ और ‘द गर्ल’ के नाम से जाने जाते हैं.फिल्म के डाइरेक्टर ‘मोंट हेलमन’ ने उम्दा काम किया है.ये हर लिहाज से उनकी बेहतरीन फिल्म है.फिल्म का हर एक फ्रेम जबरदस्त बन पड़ा है.शायद ही कहीं आपको कोई गलती दिखे.मोंट हेलमन की मैंने अभी तक तीन फ़िल्में ही देखी है..एक “द शूटिंग” और दूसरी “रोड टू नोह्वेर”, और ये तीनो ही फ़िल्में मुझे पसंद आई लेकिन मोंट हेलमन जिस फिल्म के लिए जाने जाते हैं वो यही फिल्म है.जेम्स टेलर,वैरन ओट्स और डेनिस विल्सन ने बेहतरीन अभिनय किया है.मैं इसे एक परफेक्ट रोड मूवी कहूँगा.हालांकि ये फिल्म उस समय नहीं चली थी और बोक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन समय के साथ साथ इसे एक क्लासिक मूवी का दर्जा हासिल हो चूका है और जिसकी ये पूरी तरह से हक़दार भी है.बहुत संभव है की वैनिशिंग पॉइंट के तरह ही ये फिल्म आपके ज़ेहन में देर तक टिकी रहे.मैं आजतक ये तय नहीं कर पाया की वैनिशिंग पॉइंट और ‘टू लेन बैकटॉप’ में सबसे अच्छी रोड फिल्म कौन सी है.

1978 में बनी ‘द ड्राईवर’ फिल्म भी मुझे बेहद पसंद है.फिल्म की कहानी एक ड्राइवर के ऊपर आधारित है जिसे ‘रयान ओ नील’ ने निभाया है.ये फिल्म 1967 की फ्रेंच फिल्म “ली सैमुराइ” से इंस्पायर्ड है.फिल्म की कहानी एक ड्राईवर की है जो बैंक लुटेरों को चोरी के बाद किसी सुरक्षित जगह पहुँचाने का काम करता है.इस फिल्म की भी खास बात ये है की किसी किरदार का कोई नाम नहीं है.और संवाद इस फिल्म में भी बहुत कम हैं जो की इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है.पूरी फिल्म में ख़ामोशी रहने पर भी फिल्म में हर कुछ मौजूद है.ये भी उन कुछ वैसी फिल्मों में से है जिसे शुरू में बहुत भला-बुरा सहना पड़ा लेकिन आगे चल कर एक कल्ट फिल्म का स्टेट्स प्राप्त हुआ.कहने की जरूरत नहीं की इस फिल्म के कार-चेस सिक्वेंस भी शानदार हैं.

 

शायद जिस फिल्म ने कार-थीम फिल्मों को रेवलूशनाइज़ किया वो फिल्म थी 2001 में आई ‘द  फास्ट एंड द फ्युरीअस’.यह ‘फास्ट एंड द फुरिअस सिरिअज’ की पहली फिल्म थी और अब तक इस श्रृंखला में पांच फ़िल्में बन चुकी हैं.छठी और सातवीं फिल्म की घोषणा निर्मातों ने कर दी है.कारों पर बनी ये अब तक की सबसे लंबी सीरीज वाली फिल्म है.2001 में आई ‘द फास्ट एंड द फ्युरिअस’ की कहानी असल में एक मैग्जीन Racer X के आर्टिकल के ऊपर आधारित है.उस आर्टिकल में किसी क्लब के द्वारा आयोजित स्ट्रीट रेस का जिक्र था जिसपर ये फिल्म बनी. ‘द फास्ट एंड द फ्युरिअस’ की कहानी कुछ इस तरह है – डोमनिक टोरेटो(विन डीजल) एक टॉप स्ट्रीट रेसर है जो अपने साथियों के साथ मिलकर स्ट्रीट रेसिंग करता है, इलेक्ट्रोनिक इक्विपमेंट की चोरी करता है और एक कार गैराज चलता है.पुलिस को उसके ऊपर इलेक्ट्रोनिक इक्विपमेंट चोरी करने का शक होता है और एक अंडरकवर एजेंट ब्रायन ओ कॉनर(पॉल वाकर)उसके ग्रुप में शामिल होता है ताकि चोरी की तहकीकात की जा सके.ब्रायन धीरे धीरे डोमनिक के करीब आता है और उसकी इज्जत करने लगता है.उसे डोमनिक की बहन मिआ(जोर्डना ब्रिवस्टर)से प्यार हो जाता है और वो अंत में फैसला करता है की वो डोमनिक की मदद करेगा.इस फिल्म की खास बात इसकी गज़ब की रेसिंग सिक्वेंस जो जबरदस्त रोमांच पैदा करती है.ये फिल्म उस समय दर्शकों और खास कर के कार-प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हुई थी और समीक्षकों के नज़र में कोई खास फिल्म नहीं होने के बावजूद दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया.

फिल्म के सभी सीरीज मुख्य तीन किरदार के इर्द गिर्द घुमती है..”डोमनिक टोरेटो,ब्रायन और मिआ”..लेकिन इस सीरीज की दूसरी किश्त में विन डीजल और जोर्डना ब्रिवस्टर मौजूद नहीं हैं.’टू फास्ट टू फ्युरिअस’ इस सीरीज की दूसरी किश्त थी जो साल 2003 में आई थी.ब्रायन को डोमनिक की मदद करने के जुर्म में जेल हो जाती है और उसे सजा से बचने के लिए एक ड्रग व्यापारी को पकड़ने में पुलिस की मदद करनी होती है, जिसे वो अपने एक पुराने साथ के साथ मिलकर पूरा करता है..कहानी के मामले में ये फिल्म पहली फिल्म से थोड़ी कमज़ोर थी लेकिन पहली फिल्म के तर्ज पे ही इसमें भी कुछ आश्चर्जनक रेसिंग सिक्वेंस है, और खास कर के एक ड्रैग रेस जिसमे ब्रायन अपने प्रतिद्वंदी की कार जीतता है, गज़ब की है..सिर्फ रेसिंग सिक्वेंस देखने के लिए ये फिल्म आप दोबारा-तिबारा आराम से देख सकते हैं.फास्ट एंड फ्युरिअस सीरीज की तीसरी किश्त वाली फिल्म बिलकुल अलग थी.एक अलग स्टार-कास्ट को लेकर बनी हुई फिल्म जिसकी कहानी पहले दोनों किश्त वाली फिल्मों से हटकर थी.यह फिल्म मुख्य रूप से ड्रिफ्ट रेसिंग पे आधारित है.फिल्म का मुख्य किरदार एक कम उम्र के लड़के(सिन बोस्वेल) का है जिसे ‘लूकस ब्लैक’ ने निभाया है.वो टोक्यो के अंडरग्राउंड ड्रिफ्ट रेसर्स के बीच फंस जाता है.यह फिल्म पूरी सीरीज की सबसे कमज़ोर फिल्म मानी जाती है लेकिन फिर भी फिल्म में ड्रिफ्ट रेसिंग की शूटिंग बेहतरीन तरीके से की गयी है.इस फिल्म के अंतिम दृश्य में विन डीजल भी डोमनिक टोरेटो की भूमिका में कुछ पल के लिए नज़र आते हैं.

फिल्म के चौथा किश्त में ब्रायन और डोमनिक की वापसी होती है.डोमनिक की गर्लफ्रेंड ‘लेटी’ की एक रेस के दौरन मौत हो जाती है जिसका जिम्मेदार एक बड़ा ड्रग माफिया ‘अर्टुआ ब्रागा’ रहता है.डोमनिक लेटी की मौत का बदला लेने के लिए वापस आता है.उसकी मुलाकात ब्रायन से होती है..हालांकि वो ब्रायन से बहुत नाराज़ रहता है लेकिन अंत में ब्रायन के साथ मिलकर वो ब्रागा से बदला लेता है.इस फिल्म के अंतिम के कुछ कार चेस शानदार है.टनेल वाली कार-चेस खासकर के देखने लायक है.फिल्म की पांचवी इंस्टालमेंट है ‘फास्ट फाईव’.यह फिल्म स्ट्रीट रेसिंग और कारों के बारे में ना होकर एक हाइस्ट-एक्सन फिल्म है.पूरी फिल्म में बस एक रेस ही फिल्माया गया है.ब्रायन और डोमनिक अपने पुराने साथियों को इकठ्ठा करता है और एक बहुत ही बड़े ड्रग माफिया को लूटने का प्लान बनाता है.फिल्म में विन डीजल और पॉल वाकर के अलावा मुख्य भूमिका में ड्वेन जॉनसन भी है.

फास्ट एंड फ्युरिअस सीरीज के कुछ ‘डाई-हार्ड’ प्रशंशकों को ‘फास्ट-फाईव’ फिल्म ने कुछ निराश किया.हालांकि फास्ट फाईव फिल्म एक बेहतरीन फिल्म है और निर्माताओं ने फिल्म को एक ‘वाइडर ऑडीअन्स’ देने के लिए कार थीम से हटकर एक हाइस्ट-एक्सन फिल्म बनाई और उनकी ये कोशिश कामयाब भी हुई.फिल्म समीक्षकों से लेकर दर्शक तक हर ने इस फिल्म को खूब सराहा और ये सीरीज की ये सबसे कामयाब फिल्म भी बनी. लेकिन इस सीरीज के कुछ ‘डाई-हार्ड’ फैन्स का मानना है की अगर ‘फास्ट एंड फ्युरिअस’ अपने ट्रेडमार्क कार-थीम फिल्म से हटकर फिल्म बनाती है टो इसमें कोई शक नहीं की उसे एक  ‘वाइडर ऑडीअन्स’ और ‘वाइडर रीच’ मिलेगा लेकिन इसमें भी कोई शक नहीं की इसके ‘डाई-हार्ड’ ‘फास्ट एंड द फ्युरिअस’ के प्रति वफादार नहीं रह पायेंगे.और सच पूछिए तो मैं भी इस बात से इत्तेफाक रखता हूँ की ‘फास्ट एंड द फ्युरिअस’ को अपने लीक पर ही रहना चाहिए.फ़िलहाल इस सीरीज की छठी और सातवीं फिल्म की ओफिसिअल घोषणा हो चुकी है.छठी फिल्म की कहानी सातवीं किश्त में भी जारी रहेगी.कुछ अफवाहों की माने तो निर्माताओं ने इसकी दस किश्तों की प्लानिंग की हुई है.

फास्ट एंड फ्युरिअस सीरीज की सभी फिल्मों  की खास बात ये है की इसमें कार रेस-चेस-ड्रिफ्ट और ड्रैग रेसिंग को बहुत ही जबरदस्त तरीके से फिल्माया गया है, जो व्यक्ति कारों में खासा दिलचस्पी नहीं रखते, उन्हें भी ये चेस और रेस सिक्वेंस रोमांचित कर देगी.तेज रफ़्तार की चमचमाती एक से एक अत्याधुनिक गाड़ियों को फिल्म में दिखाया गया है.फिल्मों का टेक्नीकल भाग बहुत शानदार है हालांकि कुछ कार जानकार इस फिल्म में दिखाए कार के टेक्नीकल एस्पेक्ट से नाराज़ भी हुए..उनका कहना था की फिल्म में कारों की बारीकियों को सही ढंग से दिखाया नहीं गया और कुछ ऐसी जानकारियां भी कारों के बारे में दी गयी हैं जो गलत है.मगर इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता की कारों की बारीकियां जितनी इस फिल्म में दिखाई गयी है, वो शायद ही किसी और फिल्मों में देखने को मिली है.

कार थीम फिल्मों में मुख्य रूप से कार रेसिंग की अगर बात की जाए तो अब तक दो शानदार फ़िल्में बन चुकी हैं जो की पूरी तरह कार रेसिंग पर ही आधारित है.1966 में आई फिल्म “ग्राण्ड प्रिक्स”, जिसे निर्देशित किया था मशहूर फिल्म निर्देशक ‘जॉन फ्रैंकनहाईमर’ ने.इस फिल्म की सबसे खास बात है इसके रेसिंग के दृश्य, जिसे बेहतरीन तरीके से शूट किया था ‘सौल बास’ ने..ये फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष भी है.फिल्म के टेक्नीकल एस्पेक्ट के लिए इसे तीन ऑस्कार पुरुस्कार भी मिले थे.फिल्म में फोर्मुला वन रेसिंग के वास्तविक फुटेज भी जोड़े गए थे.उस समय के कुछ शीर्ष एफ.वन रेसर्स ने फिल्म में कैमीओ भी किया था जिनमे मुख्य थे ‘फिल हिल’,’जुआन फैन्जियो’,’टिम क्लार्क’.फिल्म की कहानी चार एफ.वन ड्राईवर के ऊपर आधारित है जो की मुख्य रूप से 1966 के फोर्मुला वन सीजन के इर्द गिर्द घुमती है.इसी फिल्म के तर्ज पे साल 1971 में बनी थी फिल्म “1971 ली मैन्स”.यह फिल्म 1971 के 39th Grand Prix of  Endurance पे आधारित थी.ये ऐसे रेस थे जो  चौबीस घंटे के होते थे.फिल्म उस समय के वास्तविक रेसों को सही सही परदे पे दिखाने में सफल रही थी.1966 में बनी ग्रैण्ड प्रिक्स की सफलता के बाद ही उसी के तर्ज पे ये फिल्म बनी थी.ग्रैण्ड प्रिक्स की तरह ही इस फिल्म में भी वास्तविक रेसों की फुटेज भी दिखाई गयी थी.रेसिंग फिल्म है तो जाहिर है संवाद भी काफी कम हैं.

कार थीम फिल्मों की बात करें तो ट्रांसपोर्टर सीरीज का जिक्र करना स्वाभाविक है.इस सीरीज में भी अब तक तीन फ़िल्में बन चुकी हैं.हालांकि ये तीनों फ़िल्में पूरी तरह कार-थीम फिल्म ना होकर एक्सन फ़िल्में हैं..लेकिन फिल्म के कार-चेस इतने गज़ब के हैं की लोग इसे भी अक्सर कार-थीम फिल्मों में गिन लेते हैं.फिल्म में ट्रांसपोर्टर ‘फ्रैंक मार्टिन’ की भूमिका ‘जेसन स्तैथम’ ने निभाया है.फिल्म की कहानी ट्रांसपोर्टर फ्रैंक मार्टिन के ऊपर है जो किसी भी सामान या लोगों को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाता है और जिसके कुछ नियम हैं.फिल्म के हर किश्त में अलग अलग कहानी है लेकिन बेसिक प्लाट एक ही है फिल्म का.जेसन स्तैथम की ही एक दूसरी फिल्म ‘डेथ रेस’ जो की साल 2008 में आई थी, ड्रैग रेसिंग के ऊपर आधारित थी.इस फिल्म की कहानी एक जेल में आयोजित होने वाली रेसिंग की है जिसमे की एक प्रतिद्वंदी दूसरे प्रतिद्वंदी को रेस के दौरान मार कर ही जीत सकता है.रेस के तीन स्टेजेस होते हैं और हर स्टेज में प्रतिद्वंदी एलिमिनेट होते हैं.यह फिल्म 1975 की एक हिट फिल्म “डेथ रेस 2000” से इंस्पायर्ड थी.

ट्रांसपोर्टर के बाद मशहूर कार चेस फिल्मों में ‘इटालियन जॉब’ का भी नाम आता है.इटालियन जॉब नाम से दो फ़िल्में बनी हैं.एक1968 में बनी थी और दूसरी 2003 में.दोनों फ़िल्में कार-थीम फिल्म ना होकर एक  हाइस्ट फिल्म है लेकिन दोनों फिल्मों में कार चेस सिक्वेंस बेहद आकर्षक बने हुए हैं और दोनों ही फिल्मों में कार चेस के लिए मिनी कूपर गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है.बेहतरीन कार चेस सिक्वेंस वाली फिल्मों में ‘Bullitt’ का भी नाम लिया जाता है.हालांकि इस फिल्म में कार-चेस ज्यादा देर की नहीं है, लेकिन फिर भी 1968 फोर्ड मस्तंग से की गयी करीब दस-बारह मिनट की कार चेस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है और माना जाता है की इस फिल्म के बाद मस्तंग की लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ था.ऐसी तो बहुत सी फ़िल्में बनी हैं जिसमे बेहतरीन कार-चेस सिक्वेंस हैं मसलन “द फ्रेंच कनेक्सन”,”द सेवन अप्स”,”स्मोक एंड द बैंडिट”,”रोनिन”,”जेम्स बोंड की फ़िल्में” वैगरह…70’s की कार चेस फिल्म की एक खासियत ये थी की अधिकतर फिल्मों में कार चेस मशहूर कार स्टंट डाईरेक्टर “बिल हिकमैन” द्वारा फिल्माए जाते थे.ये उन दिनों के सबसे अच्छे कार-स्टंट डाईरेक्टर माने जाते हैं.

कार थीम फिल्मों का सिलसिला यही खत्म नहीं हुआ, और भी कुछ अच्छी फ़िल्में हैं जिसका जिक्र मैंने यहाँ नहीं किया.उनके बारे में लिखने का इरादा अभी तो नहीं है, लेकिन फुर्सत में कभी उनपर भी चर्चा करूँगा इस ब्लॉग में.

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  1. कभी फ़ुरसत में पढ़ेंगे अभी तो स्किप कर दिये हैं, कभी बाईक वाली फ़िल्मों के ऊपर लिखो ।

  2. विवेक भैया, बाईक में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन Easy rider,world's fastest indian,the motorcycle diaries,silver dream racer,on any sunday(documentry) फिल्म हो सके तो देखिएगा…ये सब मुझे पसंद आई थी 🙂

  3. वत्स!! आज मैं बहुत खुश हूँ.. क्योंकि आज मुझे लगा कि जब इंसान दिल से लिखता है तो वो दिल तक पहुंचता है.. तुम्हारी आज की पोस्ट तुम्हारे उन प्रशंसक के नाम.. नाम तो तुमने बताया ही नहीं!! जीते रहो और ऐसे ही लिखते रहो!!

  4. कमाल का पैशन है….. और इतनी बातें याद रखना भी कहाँ आसन है….?

  5. वाह, इस विषय पर अब एक पुस्तक भी लिख ही डालिये।

  6. ये बताओ "किमी काटकर" कौन फिलिम में हिरोईन थी? हम वही कार बला फिलिम देखेंगे.

  7. not my choice actually but i have seen "gone in sixty seconds",
    and liked the movie….

    though nice post..will try others too.
    thanks.
    anu

  8. आप जबरदस्त फेन हैं कारों के …
    आपकी लिखी कई फिल्मों कों देखा है पर कार के शौंक के कारण नहीं बस एक्शन मूवी समझ के …

  9. तुम्हारे जूनून ने कायल कर दिया.. कम नहीं होने देना..

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