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Hindi Stories

सीमा के पार का आदमी – रघुवीर सहाय

युद्ध-विराम हो चुका था। यह दोनों देशों के इतिहास में गपतालीसवाँ युद्ध-विराम था। हर बार की तरह पड़ोसी शत्रु को कुचलकर रख देने के...

मलबे का मालिक – मोहन राकेश

  पूरे साढ़े सात साल के बाद लाहौर से अमृतसर आए थे। हाकी का मैच देखने का तो बहाना ही था, उन्हें ज्यादा चाव उन...

अमृतसर आ गया है – भीष्म साहनी

  गाड़ी के डिब्बे में बहुत मुसाफिर नहीं थे। मेरे सामनेवाली सीट पर बैठे सरदार जी देर से मुझे लाम के किस्से सुनाते रहे थे।...

मरने से पहले – भीष्म साहनी

  मरने से एक दिन पहले तक उसे अपनी मौत का कोई पूर्वाभास नहीं था। हाँ, थोड़ी खीझ और थकान थी, पर फिर भी वह...

मंदिर और मस्जिद – प्रेमचंद

चौ धरी इतरतअली ‘कड़े’ के बड़े जागीरदार थे। उनके बुजुर्गो ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी खिदमत की थीं। उनके बदले में...

मारे गये गुलफाम – फणीश्वरनाथ रेणु

हिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है... पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। बैलगाड़ी। सीमा के उस पार, मोरंग राज नेपाल से...

रसप्रिया – फणीश्वरनाथ रेणु

धूल में पड़े कीमती पत्थर को देखकर जौहरी की आँखों में एक नई झलक झिलमिला गई - अपरूप-रूप! चरवाहा मोहना छौंड़ा को देखते ही पँचकौड़ी...

एक आदिम रात्रि की महक – फणीश्वरनाथ रेणु

न ...करमा को नींद नहीं आएगी। नए पक्के मकान में उसे कभी नींद नहीं आती। चूना और वार्निश की गंध के मारे उसकी कनपटी...

अनुपमा का प्रेम – शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय

ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम,...

खुदा की कसम – सआदत हसन मंटो

  उधर से मुसलमान और इधर से हिंदू अभी तक आ जा रहे थे। कैंपों के कैंप भरे पड़े थे जिनमें मिसाल के तौर पर...

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