CATEGORY

Hindi Stories

सवेरे जो कल आँख मेरी खुली – सआदत हसन मंटो

  अज़ब थी बहार और अज़ब सैर थी! यही जी में आया कि घर से निकल टहलता-टहलता ज़रा बाग़ चल। बाग़ में पहुँचने से पहले...

ठंडा गोश्त – सआदत हसन मंटो

ईश्वरसिंह ज्यों ही होटल के कमरे में दांखिला हुआ, कुलवन्त कौर पलंग पर से उठी। अपनी तेज-तेज आँखों से उसकी तरफ घूरकर देखा और...

मेरी माँ कहाँ – कृष्णा सोबती

एक हिन्दू-मुस्लिम के दंगे की मार्मिक सी तस्वीर है कृष्णा सोबती की लिखी कहानी "मेरी माँ कहाँ है". फसाद एक बच्चे के मन...

सिक्का बदल गया – कृष्णा सोबती

कृष्णा सोबती की लिखी कहानी 'सिक्का बदल गया', शाहनी की कहानी है. जहाँ की ज़मीन पर कभी उसका अधिकार था, जहाँ उसका राज...

दादी-अम्मा – कृष्णा सोबती

कृष्णा सोबती की लिखी कहानी 'दादी-अम्मा' एक बेहद ही मार्मिक कहानी है, जिसके किरदार और बातें शायद हममें से सभी अपने आसपास देख...

भोला राम का जीव – हरिशंकर परसाई

भोला राम का जीव - हरिशंकर परसाई: सरकारी दफ्तरों और दरख़्वास्तों में अटकी गरीबी और सामाज के एक चेहरे को दिखाती इक जोरदार...

पेशावर एक्सप्रेस – कृश्न चन्दर

कृष्ण चन्दर की लिखी कहानी पेशावर एक्सप्रेस हिन्दू और मुस्लिम दंगे की कहानी है, जो बहुत से सवाल करती है. ये कहानी विभाजन...

Latest news