Tag:Delhi Diaries

कुछ पल के लिए ही सही, एक कीड़े ने पुराना समय याद दिलाया।

कल की सुबह बेहद आम थी. मैं घर से काम पर निकला. सुबह दस बजे की मेट्रो लेता हूँ मैं. मेरे मेट्रो रूट पर...

हमारे एयरकंडीशनर हमसे हमारे मौसम छीन रहे हैं, और हमें इसकी खबर ही नहीं

मैं अपने स्कूल के दिनों की बातें करूँ, तो मुझे गर्मियों के दिन प्यारे लगते थे. कई वजह थे इसके. हम उन दिनों सरकारी...

चावरी बाज़ार – शादियों के कार्ड का मार्केट

शादियों में यूं तो सैकड़ों काम होते हैं, लेकिन सबसे बड़े और महत्वपूर्ण काम होता है वो है शादी के कार्ड सेलेक्ट करने का...

गली कासिम जां और मिर्ज़ा साहब से एक मुलाकत

पूछते हैं वो के ग़ालिब कौन है? कोई बतलाओ के हम बतलाएं क्या? .. बल्ली मारां की वो पेचीदा दलीलों की-सी गलियाँ एक क़ुरआने सुख़न का सफ़्हा खुलता...

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हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर : शिक्षक दिवस पर खास

आज शिक्षक दिवस है, यह दिन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5...

तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक समस्या

बचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

इस भाग दौड़ की ज़िन्दगी में याद आता है – एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो...

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भगत सिंह ने घर वालों को जो ख़त लिखे – भगत सिंह के पत्र

भगत सिंह की कलम से लिखा गया पहला खत...

द गोल्डन 80’s – एक फिल्म और उससे जुड़ी नास्टैल्जिया

आप क्या सोचते हैं?अगर आपको पहले के किसी टाईमफ्रेम...