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पन्द्रह अगस्त और कुछ यादें, बातें मेरी – नास्टैल्जिया

पंद्रह अगस्त...जाने क्या क्या यादें जुड़ी हैं इस एक दिन से. ये दिन सच में ख़ास होता है, मन का मौसम चाहे कैसा भी...

वो कमरा याद आता है.. – मेरा पुराना कमरा और एक कविता

जावेद साहब की एक कविता है "वो कमरा याद आता है".उस कविता को जब कभी पढ़ता हूँ, एक टीस सी उठती है मन में.दो...

हर शहर का अपना अलग इतवार होता है- निर्मल वर्मा के ‘वे दिन’ के कुछ अंश

शायद हर शहर का अपना अलग इतवार होता है..अपनी अलग आवाजें, और नीरवता.तुम आँखें मूंदकर भी जान लेते हो.ये ट्राम के पहिये हैं...यह उबलती...

जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गये – जगजीत की याद में

कुछ पुरानी यादें - जगजीत सिंह और मैं.. सुबह कुछ काम से मैं बाहर निकला था.दो तीन घंटे में काम खत्म कर वापस आया.जैसे ही...

चेहरे – सामाज और लोगों पर लिखी एक कविता

इतने चेहरे नज़र आते हैं सड़कों पे, किसी के चेहरे पे है खुशी तो किसी के चेहरे पे निराशा हँसते हुए चेहरे को देख, अक्सर हम समझते हैं...

मैं हूँ आज की नारी – नारी शक्ति पर लिखी एक कविता

मैं हूँ आज की नारी.. मैं ही दुर्गा हूँ, मैं ही सरस्वती... मैं कृष्ण की राधा भी हूँ.. और सीता भी.. फिर आज क्यों, अक्सर लज्जित भी होना पड़ता है...

मेरे बारे में कुछ जाने…आखिर हूँ कौन मैं 😉

This is a short Introduction of Me अभी 27-June-2010 को ये मेरा परिचय अपडेट हुआ..ये मेरा परिचय ब्लॉग पे पोस्ट हुआ था 28-May-2007 को सबसे पहले...

Latest news

हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर : शिक्षक दिवस पर खास

आज शिक्षक दिवस है, यह दिन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5...

तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक समस्या

बचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

इस भाग दौड़ की ज़िन्दगी में याद आता है – एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो...

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कैसे भूलोगे मेरा नाम – यूफोरिया, एक ऐसा बैंड जो कभी धुम मचाता था

पिछले दो दिनों से दिल्ली का मौसम खूब सुहाना...

भूला फ़साना कोई, गुज़रा ज़माना कोई..

संगीत में बड़ी शक्ति होती है, ये बात सभी...