Tag:Filmy Baatein

मिर्ज्या – एक विसुअल और पोएटिक मास्टरपीस

जब से सुना था इस फिल्म के बारे में तब से ही काफी ज्यादा उत्सुकता थी. राकेश ओमप्रकाश मेहरा मेरे सबसे प्रिय डायरेक्टर में...

मन एक रहस्मय लोक है – मुक्तिबोध के ‘सतह से उठता आदमी’ से कुछ अंश

मुझे लगता है की मन एक रहस्मय लोक है, उसमे अँधेरा है, अँधेरे में सीढियां हैं..सीढियां गीली हैं.सबसे नीचली सीढ़ी पानी में डूबी हुई...

द गोल्डन 80’s – एक फिल्म और उससे जुड़ी नास्टैल्जिया

आप क्या सोचते हैं?अगर आपको पहले के किसी टाईमफ्रेम में जीने का अवसर मिले तो आप किस टाईमफ्रेम में जाना पसंद करेंगे?शायद अपने बचपन...

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हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर : शिक्षक दिवस पर खास

आज शिक्षक दिवस है, यह दिन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5...

तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक समस्या

बचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

इस भाग दौड़ की ज़िन्दगी में याद आता है – एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो...

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पंचम दा के कुछ अनरिलीजड गाने – कलेक्सन

कुछ पंचम दा के अनरिलीज गाने हैं, जिन्हें आज...

मेरे दादाजी और सिंघौल गाँव का पहला डाकघर – पुरानी यादें

यह बहुत पुरानी बात है. मेरे गाँव की कहानी...