Tag:My Poems

देखते देखते दिनों का बीत जाना – निमिषा के लिए

पिछले सप्ताह मेरी छोटी बहन निमिषा की शादी थी. निमिषा जिसे मैं अक्सर "निम्मो" कह कर बुलाता हूँ, वो मेरी सबसे प्यारी बहन है....

चेहरे – सामाज और लोगों पर लिखी एक कविता

इतने चेहरे नज़र आते हैं सड़कों पे, किसी के चेहरे पे है खुशी तो किसी के चेहरे पे निराशा हँसते हुए चेहरे को देख, अक्सर हम समझते हैं...

मैं हूँ आज की नारी – नारी शक्ति पर लिखी एक कविता

मैं हूँ आज की नारी.. मैं ही दुर्गा हूँ, मैं ही सरस्वती... मैं कृष्ण की राधा भी हूँ.. और सीता भी.. फिर आज क्यों, अक्सर लज्जित भी होना पड़ता है...

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हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर : शिक्षक दिवस पर खास

आज शिक्षक दिवस है, यह दिन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5...

तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक समस्या

बचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

इस भाग दौड़ की ज़िन्दगी में याद आता है – एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो...

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