Tag:Jagjit Singh

जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गये – जगजीत की याद में

कुछ पुरानी यादें - जगजीत सिंह और मैं.. सुबह कुछ काम से मैं बाहर निकला था.दो तीन घंटे में काम खत्म कर वापस आया.जैसे ही...

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भाभी – इस्मत चुग़ताई

  भाभी ब्याह कर आई थी तो मुश्किल से पंद्रह बरस की होगी। बढवार भी तो पूरी नहीं हुई थी।...

जडें – इस्मत चुग़ताई

  सबके चेहरे उड़े हुए थे। घर में खाना तक न पका था। आज छठा दिन था। बच्चे स्कूल छोड़े,...

चौथी का जोडा – इस्मत चुग़ताई

  सहदरी के चौके पर आज फिर साफ - सुथरी जाजम बिछी थी। टूटी - फूटी खपरैल की झिर्रियों में...

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शेर की गुफा में न्याय – शरद जोशी

इमरजेंसी पर व्यंग के माध्यम से शरद जोशी...

मेरी कहानी मेरे साथ खत्म हो जाएगी – कलाम साहब की कहानी गुलज़ार की ज़ुबानी

हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल...